by योगेंद्रनाथ शर्मा / Yogendranath Sharma
ISBN: 978-81-237-5936-4
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अभिमान की हार एक अभिमानी कवि की कहानी है जो अपने अभिमान में आकार सबको बेवकूफ बनाता है और अंत में पकड़ जाता है |