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सेवासदन / Sevasadan [AD0068]
by प्रेमचंद
FictionLiteraryNovel
Available
Description
बीसवीं शताब्दी के अंत में देश में प्रचलित सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए, मुंशी प्रेंचंद की सेवासदन (1918) सुमन की मार्मिक कहानी बताती है, जो दहेज प्रथा की बुराइयों के कारण एक दुखी, बेमेल विवाह में फंस गई है। यह उनकी पुण्य गृहिणी होने से लेकर वाराणसी के कोठों में एक तवायफ 'सुमंगली' बनने तक की यात्रा का वर्णन करती है। सुमन को अपना मोचन कैसे मिलेगा?...